खबर पक्की : 28 अक्टूबर रतलाम, धूमकेतु जी हां आपने सही पढ़ा स्पंदन सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली बरसों पुरानी संस्थाओं को के बीच धूमकेतु की तरह उभरी है जिसने संगीत के माध्यम से सेवा क्षेत्र में नये आयाम स्थापित किए हैं। 2017 में मात्र चार सदस्यों से शुरू हुई इस संस्था के सदस्यों की तादाद आज 80 से ज्यादा हो गई है और अधिकांश सेवा भोगी कर्मचारी है। यह संस्था पिछले 9 वर्षों से संगीत कार्यक्रम के माध्यम से नेत्रहीन और मूक बधिर बच्चों के लिए अर्थ जुटाती है और मात्र 9 वर्षों में इसमें 56 लाख रुपए से ज्यादा की मदद ऐसे बच्चों की की है जिसमें नेत्रहीन महिला क्रिकेट खिलाड़ी नेत्रहीन स्कूल के बच्चे राष्ट्रीय ब्लाइंड फुटबॉल खिलाड़ी और मूक बधिर बच्चे शामिल है । इस संस्था की विशेषता है कि जिस दिन संगीत कार्यक्रम होता है उसी दिन जिन बच्चों की मदद की जाना है उनको संगीत कार्यक्रम में ही सार्वजनिक रूप से चेक वितरित कर देती है। ऐसा ही एक संगीत कार्यक्रम 26 अक्टूबर को गुजराती स्कूल में इस संस्था द्वारा किया गया जिसमें 11 लाख 37000 से ज्यादा का कलेक्शन हुआ जो हाथों हाथ जो दृष्टि हीन फुटबॉल खिलाड़ियों और सेवा क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं को वितरित कर दिया गया। 4 घंटे चले इस कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति दी गई कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले अचल शुक्ला, लक्ष्मी गामड़, अयूब खान, संगीता जैन, नरेश यादव भूवि व्यास ने मोहब्बत बड़े काम की चीज है, हुस्न पहाड़ों का, चिट्ठीये, फिर छिड़ी रात बात फूलों की अंखियों के झरोखे जैसे शानदार गीतों की प्रस्तुति कर नेत्रहीन मशहूर गीतकार रविंद्र जैन और ख्याम साहब को संगीतमय श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रचलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। अंखियों के झरोखे से कार्यक्रम को मुख्य अतिथि डीआईजी निमिष अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि मन की आंखों से असंभव कार्य भी संभव किये जा सकते हैं। कार्यक्रम को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने संबोधित करते हुए स्पंदन के कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम को डीएसपी अजय सारवान इप्का के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश सियाल नितिन तिवारी ने भी संबोधित किया आभार विक्रम कोठारी ने माना। कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों के अलावा शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

