खबर पक्की, 25 अक्टूबर, रतलाम। 11 साल पहले गौ मांस परिवहन के बहुचर्चित मामले में पकड़े गए 11 लोगों को कोर्ट ने 2-2 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अरुण सिंह ठाकुर ने दिया है।
सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि 9 सितंबर 2014 को फरियादी वासुदेव ने स्टेशन रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि मैं और मेरा दोस्त आदित्य सुबह दौडऩे गए थे। नगरा-सीरूखेड़ी रोड पर डॉ. सादिक के बंद पोल्ट्री फार्म के पास 2 लोग एक बाइक पर एक थैला लटकाकर ले जाते दिखे। इसमें गीला-गीला कुछ भरा था। थोड़ी देर बाद 2 और लोग बाइक पर बोरा ले जाते दिखे। इसमें भी गीला पदार्थ था।
गाय का सींग व खून मिला था
पोल्ट्री फार्म के पास जाकर देखा तो वहां गाय का सींग, खून और एक लोहे का सूआ पड़ा था। रोड के दाहिने साइड पानी के नाले में मांस के टुकड़े तैर रहे थे।
हिंदू संगठनों ने जताया था विरोध
यह घटना 2014 में अनंत चतुर्दशी की रात की है। पुलिस ने पहले 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामला सामने आने पर हिंदू संगठनों ने उस समय विरोध स्वरूप जुलूस निकाल फोरलेन पर जाम लगाया था। पुलिस ने अपनी जांच बढ़ाई तो कुल 11 लोगों पर केस दर्ज किया था।
घटना के 11 वें दिन मुख्य आरोपी माजिद कुरैशी को पुलिस पकड़ पाई थी। पूरे घटनाक्रम में स्टेशन रोड थाने के 5 पुलिसकर्मी भी निलंबित हुए थे। जिनमें हेड कॉन्स्टेबल शंकरसिंह, आरक्षक नागेश्वर, सुधीर, आशीष व शिवपालसिंह शामिल थे।
इन धाराओं में हुई सजा
एडीपीओ कुंदन पाराशर ने बताया कि अभियुक्तों को धारा 4 सहपठित 9(1) तथा धारा 5 सहपठित 9(2) मप्र गौ वंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 में 2-2 साल का सश्रम कारावास एवं सभी पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।
इन्हें हुई सजा
रिपोर्ट और साक्ष्य के आधार पर राशिद (38) पिता रसीद खान, जफर (45) पिता बशीर शेरानी, मुश्ताक (20) पिता ताज मोहम्मद कुरैशी, अफसर (30) पिता अहमद कुरैशी, राजा (38) पिता वाजिद अली, माजिद (30) पिता जहांगीर कुरैशी सभी निवासी शेरानीपुरा, असलम (25) पिता भूरिया कुरैशी, आजाद (20) पिता बाबू कुरैशी निवासी कसाई मंडी, आलम (30) पिता वाजिद अली निवासी पटेल कॉलोनी, अकील (37) पिता बाबू खां कुरैशी निवासी चिंगीपुरा हाथीखाना, गोविंद (22) पिता कालू भूरिया उर्फ भेरूलाल भूरिया निवासी भाटपचलाना (उज्जैन) के खिलाफ केस दर्ज किया था। गवाह, दस्तावेजी साक्ष्य व मांस के टुकड़ों की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों को सजा सुनाई है।
गौ-मांस परिवहन का मामले में 11 को सजा : पोल्ट्री फार्म के पास मिला था गाय का सींग, खून, 11 साल बाद आया फैसला
