खबर पक्की, 8 अगस्त, रतलाम। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के रतलाम सेवा केंद्र द्वारा पुलिस लाइन ग्राउंड, आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं सभी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के आध्यात्मिक उदबोधन से हुआ। उन्होंने रक्षाबंधन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि:तिलक आत्मा को उसकी शाश्वत दिव्यता और श्रेष्ठता की स्मृति दिलाता है। मिठाई मुख मीठा करने की परंपरा मीठे बोल और मधुर व्यवहार को आत्मसात करने का संकेत है। रक्षा सूत्र परमात्मा द्वारा आत्मा से बाँधा गया वह दिव्य बंधन है जो विकारों, नकारात्मकता और असत्य से रक्षा करता है।रक्षाबंधन केवल पर्व नहीं, बल्कि आत्मा की पवित्रता और ईश्वरीय संबंध की पुन: जागृति है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी गीता दीदी द्वारा राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया, जिसमें उन्होंने सभी को आत्मिक स्थिरता, तनावमुक्ति और जीवन में स्थायी सुख प्राप्त करने की विधि समझाई। उन्होंने बताया कि राजयोग के अभ्यास से हम अपने भीतर छिपे दिव्य गुणों को जागृत कर सकते हैं, जो हमें हर परिस्थिति में खुशहाल और शक्तिशाली बनाए रखते हैं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियान मेरा भारत – व्यसन मुक्त भारत के अंतर्गत, सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यसन मुक्ति की प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। सभी ने दृढ़ निश्चय के साथ इस संकल्प को स्वीकार किया।
साथ ही, एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश खाखा जी सहित सभी अधिकारियों ने वृक्षारोपण किया — जो प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक बना।
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिकता, सेवा और संस्कारों से परिपूर्ण रहा, बल्कि उसमें परमात्मा से जुडऩे की अनुभूति, आत्म-सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार के प्रति प्रेरणा भी समाहित थी। सभी उपस्थितों ने कार्यक्रम की अत्यधिक सराहना की।
पुलिस लाइन ग्राउंड, रतलाम में रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारीज द्वारा आध्यात्मिक कार्यक्रम — आत्म-सुरक्षा, सेवा और संकल्पों से सजी राखी
