नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ सख्ती की बात करने वाली मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर राज्य सरकार के उस प्रस्ताव को मान लिया है कि रमजान के महीने में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। राष्ट्रवाद और सेना के पराक्रम की दुहाई देने वाली मोदी सरकार के इस कदम को देश की जनता किस रूप में देखेगी एक तरफ जहा उत्तर प्रदेश में योगी सरकार कानून और व्यवस्था के नाम पर एनकाउंटर पर एनकाउंटर कर अपराधियों का सफाया कर रही है वही रमजान के नाम पर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को रोक देना सेना के मनोबल पर कितना असर पहुंचाता है और भाजपा समर्थकों को कितना सुहाता है यह देखने वाली बात होगी पर कुछ भी कहो महबूबा मुफ्ती के इस प्रस्ताव को मान लेने से जहां एक तरफ आतंकवादियों के हौसले बुलंद होगे वही देशभक्त और शहीदो के परिजनों को इससे निराशा होगी।
