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जैन समाज के संपत्ति घोटाले में पेश नहीं हो सका जवाब, अब 24 को होगी सुनवाई

BySurendra Jain

Nov 21, 2017

 

रतलाम। जैन समाज की संस्था श्री धर्मराज मित्र मंडल की संपत्तियों को निजी ट्रस्ट बनाकर खुर्द-बुर्द किए जाने की शिकायत के मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारी मंगलवार को भी किसी तरह का जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अपने वकीलों के माध्यम से एसडीएम से जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा, एसडीएम इस पर नाराज भी हुए लेकिन आखिरकार 24 नवंबर तक जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय दे दिया गया।

श्री धर्मराज जैन मित्र मंडल के वर्तमान पदाधिकारियों ने समाजजनों के साथ मिलकर पिछले दिनों कलेक्टर को समाज के ट्रस्ट की करीब 100 करोड़ रूपयों की संपत्ति को 6 अलग-अलग निजी ट्रस्टों के अधीन कर दिए जाने की शिकायत की थी। कलेक्टर के निर्देश पर रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट व एसडीएम शहर के न्यायालय में इस प्रकरण की सुनवाई चल रही है। एसडीएम शहर अनिल भाना ने शिकायत में उल्लेखित सभी 6 ट्रस्ट के पदाधिकारियों को 3 नवंबर को जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा था। इस दिन जवाब प्रस्तुत नहीं हो सका लिहाजा 24 नवंबर तक का समय दिया गया। मंगलवार को इस प्रकरण में फिर से ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने एड्वोकेट्स के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। 5 ट्रस्ट की ओर से एड्वोकेट श्री वी.ए. कटकानी ने वकील प्रस्तुत किया। एक अन्य ट्रस्टी महेंद्र चाणोदिया की ओर से एड्वोकेट श्री ब्रजेश शर्मा ने वकील पत्र प्रस्तुत किया। दोनों ही एड्वोकेट्स ने ट्रस्ट की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की। दूसरे पक्ष की ओर से मुख्य शिकायतकर्ता अजीत मेहता व एड्वोकेट श्री रामस्वरूप बैरागी, श्री राजेश कर्णधार ने इस पर आपत्ति ली। इनका तर्क था कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों को पहले ही बहुत समय दिया जा चुका है। आखिकार एसडीएम ने 24 नवंबर तक जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। इस दिन सभी ट्रस्ट के पदाधिकारियों को संपत्ति के क्रय-विक्रय, अंतरण, ऑडिट रिपोर्ट, बैंक खातों की नकल आदि दस्तावेज सहित जवाब प्रस्तुत करना है।

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