खबर पक्की, 21 दिसंबर, इंदौर। शहर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की आमद के एक दिन बाद ही दो लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो गई। दोनों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा था। उनमें कोरोना की पुष्टि हो चुकी थी। फेंफडों में संक्रमण 80-90 प्रतिशत तक फैल चुका था। एक मरीज वेंटिलेटर पर था। पूरे एक महीने बाद शहर में कोरोना से हुई इन मौतों ने शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
एक तरफ मरीजों में कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि हो रही है दूसरी तरफ कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती मरीज दम तोड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन लोगों को मधुमेह, ब्लडप्रेशर, किडनी की बीमारी है उन्हें विशेष सावधानी रखना चाहिए। मंगलवार को जिन दो लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ा उनमें से एक मधुमेह के मरीज थे जबकि दूसरे का किडनी का इलाज चल रहा था। दोनों ही इंदौर निवासी हैं।
कोरोना की वजह से जिन दो मरीजों की मौत हुई है उनमें से एक का इलाज बॉम्बे अस्पताल में चल रहा था। 67 वर्षीय यह पुरुष करीब एक सप्ताह पहले किडनी की बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। जांच में उनमें कोरोना की पुष्टि हुई। पता चला कि फेंफडों में संक्रमण 80 प्रतिशत तक फैल चुका है। सोमवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कोरोना की वजह से जिस दूसरे मरीज की मौत हुई है उनका इलाज शैलबी अस्पताल में चल रहा था। वे 11 दिसंबर को 35 प्रतिशत संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती हुए थे। मधुमेह के मरीज इस व्यक्ति में इलाज के दौरान संक्रमण 90 प्रतिशत तक बढ़ गया था। मंगलवार तड़के मरीज ने दम तोड़ दिया।
इसके पहले 22 नवंबर को हुई थी मौत
कोरोना की वजह से इसके पहले शहर में अंतिम मौत 22 नवंबर को हुई थी। सैन्यकर्मी के परिवार की महिला ने बीमारी से दम तोड़ा था। 24 मार्च 2020 को शहर में कोरोना का पहला मरीज मिला था। इसी दिन कोरोना से पहली मौत भी हुई थी। इसके बाद से अब तक इंदौर में 1395 लोग कोरोना की वजह से मौत के मुंह में समा चुके हैं।
पुरानी बीमारी वाले विशेष ध्यान रखें
कोरोना के लक्षण नजर आते ही तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। जिन लोगों को पुरानी बीमारी जैसे मधुमेह, ब्लड प्रेशर, किडनी, दिल की बीमारी है या जिन लोगों का पुराना इलाज चल रहा है, जो लंबे समय से दवाएं ले रहे हैं उन्हें विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इन लोगों में बीमारी का जोखिम ज्यादा है। इस मौसम में सर्दी-जुकाम खांसी सामान्य मानी जाती हैं लेकिन सर्दी-खांसी होते ही तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।
- डा. रवि डोसी, श्वसन तंत्र विशेषज्ञ

