खबर पक्की, 10 दिसंबर, रतलाम। जिला पंचायत रतलाम के सभाकक्ष पर विभिन्न विभाग प्रमुखों की उपस्थिति में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन अधिनियम 2013 के संबंध में जागरूकता कार्यशाला संपन्न की गई। कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती विनीता लोढा ने अधिनियम का व्यापक प्रचार प्रसार करने एवं विभागों में आंतरिक परिवाद समिति गठन कर समय समय पर बेठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री पूनम तिवारी ने बताया कि इसके अंतर्गत जिन कार्यालयों में 10 से अधिक की संख्या में अधिकारी कर्मचारी कार्यरत हैं उन सभी कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समिति गठन की जाना चाहिए शासकीय कार्यालयों में महिलाओं के साथ शारीरिक संपर्क जैसे छूना, शरीर पर झुक जाना, भद्दे संकेत करना, लैंगिक संबंध बनाने के लिए पकडना अथवा छेडछाड करना, अश्लील साहित्य दिखाना या मोबाईल पर अश्लील बातें करना लैंगिक स्वीकृति की मांग या अनुरोध अवांछनीय शारीरिक या शाब्दिक या गैर शाब्दिक प्रयोग आदि कानूनन अपराध है। महिला कर्मचारी इस संबंध में अपनी शिकायत आंतरिक परिवाद समिति को लिखित में कर सकती है।
समिति में महिला कर्मचारी, अधिकारी पीठासीन अध्यक्ष होगी। कर्मचारियों में कम से कम दो ऐसे सदस्य होंगे जिनको कानून अथवा सामाजिक क्षेत्र का अनुभव हो। समिति के आधे सदस्य महिला सदस्य होना आवश्यक है। इस समिति के सदस्यों से संबंधित जानकारी कार्यालय के सूचना पटल पर अंकित की जाना चाहिए। कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन की शिकायत के लिए वेबसाईट 222.ह्यद्धद्गड्ढश&.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर अथवा वनस्टॉप सेंटर पर भी की जा सकती है। कार्यालय में आगंतुक महिलाओं के मामलों में भी लैंगिक उत्पीडन की शिकायत के लिए वेबसाईट 222.ह्यद्धद्गड्ढश&.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर अथवा वनस्टॉप सेंटर पर भी की जा सकती है ।
समिति के गठन की जानकारी के बारे में वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमति शकुंतला मिश्रा ने विस्तार से जानकारी देते हुए सभी विभागों से समिति के गठन की जानकारी देने की बात कही । बैठक में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री अंकिता पंडया एवं सीडीपीओ तथा विभिन्न विभागीय अधिकारी / कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

