खबर पक्की, 30 अप्रैल, धार। रात का अंधेरा और सड़क पर बिखरे अपनों के शव, खून से लथपथ जिंदगियां। दूर-दूर तक गूंजने वाली चीख-पुकार ने न सिर्फ मध्य प्रदेश को बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। जैसे ही जिला प्रशासन और सड़क हादसे के शिकार हुए परिजनों को इस खौफनाक, भयावह हादसे की खबर मिली, तो सब कुछ पल के लिए हैरान रह गए। 50 मजदूरों से भरे पिकअप वाहन की स्कॉर्पियो से हुई टक्कर ने 16 जिंदगियां छीन लीं। 10 लोग अभी-भी अति गंभीर रूप से घायल हैं। इंदौर में उनका उपचार चल रहा है।
पेट्रोल पंप के पास रात 8:30 बजे हुआ ये खौफनाक हादसा
हादसा चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रात 8:30 बजे हुआ। मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक मजदूर सवार बताए जा रहे हैं। वाहन पलटने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हाईवे पर मची चीख-पुकार
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई थी। गुरुवार सुबह मिले अपडेट के मुताबिक मृतकों का आंकड़ा 16 हो गया है, जबकि 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 10 अति गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है। यह पिकअप वाहन धार से अमझेरा की ओर जा रहा था। तभी ओवरलोड पिकअप वाहन असंतुलित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया, फिर सामने से आ रही स्कॉर्पियो से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई श्रमिक वाहन के नीचे दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायलों को निकाला।
कम पड़ गई जिला अस्पताल में जगह
हालात कैसे थे, इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जब इतनी बड़ी संख्या में घायलों को जिला अस्पताल एक साथ पहुंचाया गया, तो वहां जगह कम पड़ गई। घायलों को जमीन पर लिटाकर इलाज करना पड़ा। हालांकि, घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सभी घायलों का समुचित इलाज शुरू किया।
ठूंस-ठूंसकर श्रमिकों पिकअप में बैठाया गया था
रात में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर सहित इंदौर संभागायुक्त सुदामा खाड़े एवं इंदौर रेंज के महानिरीक्षक अनुराग भी पहुंचे। हादसे का कारण पिकअप वाहन में सवार श्रमिक ग्राम बग्गड़ के पास खेत पर काम करने गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। श्रमिकों ने बताया कि वाहन में लगे स्पीकर से चालक तेज आवाज में गाना सुनते हुए वाहन लहराते हुए चला रहा था। वाहन में ठूंस-ठूंसकर श्रमिक भरे थे। इसका खामियाजा श्रमिकों को जान देकर चुकाना पड़ा।
पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख, आर्थिक सहायता का एलान किया
इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
मध्य प्रदेश सरकार मृतकों के परिजनों को देगी चार-चार लाख रुपये
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि यह सड़क हादसा हृदयविदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी घायलों का उपचार निःशुल्क किया जाएगा। धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी दुर्घटना पर दुख जताया है।
चार बार की टक्कर खाने के बाद स्कॉर्पियो से हुई जोरदार टक्कर
धार एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि इस हादसे का शिकार पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक का उस पर नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा, जिसके कारण हताहत ज्यादा हुए। इसी दौरान वह सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया।
पांच की मौके पर हुई मौत
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में अबतक 16 लोगों की मौत हुई है। इसमें नौ बालिका व महिलाएं व तीन पुरुष शामिल हैं। दस अति गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है। मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती है। सभी मजदूर घर लौट रहे थे। लेकिन घर आने से पहले ही 16 जिंदगियों को काल ने लील लिया।
