खबर पक्की, 19 अगस्त, रतलाम। सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन ने बताया कि शासकीय कार्यों में लगातार लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, दोषपूर्ण कार्यशैली एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता के चलते परियोजना अधिकारी महेश कुमार चौबे की संविदा सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
श्री चौबे के विरुद्ध वर्ष 2010 से 2018 के बीच कार्य में लापरवाही एवं अन्य अनियमितताओं के संबंध में कुल 12 कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए थे। इसके बावजूद कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच समिति गठित की गई। समिति द्वारा की गई जांच में शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही एवं निर्धारित शासकीय प्रक्रियाओं के उल्लंघन के आरोप दोष प्रमाणित पाए गए।
प्रकरण में संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया। उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण करने के बाद उसे असंतोषजनक पाया गया। इसके पश्चात सक्षम प्राधिकारी द्वारा संविदा सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में रोके गए 50 प्रतिशत मासिक पारिश्रमिक के आदेश के विरुद्ध श्री चौबे द्वारा की गई अपील को कलेक्टर न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा भी आधारहीन मानते हुए निरस्त किया जा चुका है।
जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार संविदा सेवाएं समाप्त करने के साथ ही जांच अवधि में रोका गया 50 प्रतिशत मासिक पारिश्रमिक राज्य शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश भी जारी किया गया है।
