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सोशल मीडिया पर दोस्ती कर निवेश के नाम पर ठगी, साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी

BySurendra Jain

May 14, 2026

खबर पक्की, 14 मई, रतलाम। एसपी अमित कुमार के निर्देशन एवं विवेक कुमार के मार्गदर्शन में साइबर सेल रतलाम द्वारा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जा रही साइबर ठगी को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।
पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में सामान्य बातचीत कर दोस्ती की जाती है और धीरे-धीरे भावनात्मक संबंध बनाकर लोगों का विश्वास जीता जाता है। कई मामलों में आरोपी स्वयं को विदेशी नागरिक, बिजनेसमैन, निवेश सलाहकार या सफल ट्रेडर बताकर भरोसा कायम करते हैं।
ऐसे होती है साइबर ठगी
साइबर ठग पहले सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के माध्यम से संपर्क कर दोस्ती बढ़ाते हैं। लंबे समय तक बातचीत कर विश्वास जीतने के बाद वे ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी, शेयर मार्केट या अन्य निवेश योजनाओं में कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देते हैं। इसके लिए नकली मोबाइल ऐप, फर्जी वेबसाइट या निवेश प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है।
शुरुआत में छोटी राशि निवेश करवाई जाती है और नकली मुनाफा दिखाकर पीडि़त का भरोसा बढ़ाया जाता है। जब पीडि़त अधिक लाभ के लालच में बड़ी रकम निवेश कर देता है, तब साइबर अपराधी अचानक संपर्क समाप्त कर देते हैं, वेबसाइट बंद कर देते हैं या पैसा निकालने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क मांगने लगते हैं। इस प्रकार लोग अपनी जमा पूंजी गंवा बैठते हैं।
साइबर अपराधियों के सामान्य तरीके

  • सोशल मीडिया पर आकर्षक फर्जी प्रोफाइल बनाना।
  • दोस्ती या प्रेम संबंध का दिखावा कर विश्वास जीतना।
  • कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देना।
  • फर्जी निवेश ऐप एवं वेबसाइट लिंक भेजना।
  • शुरुआत में नकली लाभ दिखाकर भरोसा बढ़ाना।
  • बड़ी राशि निवेश करवाने के बाद संपर्क समाप्त कर देना।
    साइबर ठगी से बचने के उपाय
  • सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से अत्यधिक व्यक्तिगत बातचीत करने से बचें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश न करें।
  • कम समय में ज्यादा मुनाफा” देने वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें।
  • किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता एवं सेबी (स्श्वक्चढ्ढ) रजिस्ट्रेशन अवश्य जांचें।
  • व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर भेजे गए निवेश लिंक पर क्लिक न करें।
  • केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
  • अनजान लोगों को अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें।
  • किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश से पूर्व परिवारजनों या विशेषज्ञों से सलाह अवश्य लें।
    ठगी का शिकार होने पर तुरंत करें यह काम
  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
  • नजदीकी साइबर सेल अथवा पुलिस थाना में संपर्क करें।
  • संबंधित बैंक को तुरंत सूचित कर खाते को सुरक्षित करवाएं।
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