खबर पक्की, 7 अक्टूबर, रतलाम। आचार्य प्रवर पूज्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. तथा मुनिमंडल एवं पुण्य पुंज साध्वी श्री पुण्यशीलाजी म. सा. व साध्वी मंडल के सानिध्य में गुरु समर्पण वर्षावास में त्याग – तपस्याओं का दौर चल रहा है।मासक्षमण की कठोर तपस्या भी चल रही है। श्रावक – श्राविकाएं उत्साहपूर्वक समस्त आराधनाओं में बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं। यहां 61 वर्षीय नरेंद्र मेहता ने 33 उपवास की कठोर तपस्या पूर्ण की। डीपी परिसर पर आयोजित धर्मसभा में प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. ने तपस्वी व तपस्वी के परिवार को खूब खूब धन्यवाद दिया। आयोजित धर्मसभा में श्री धर्मदास जैन श्री संघ द्वारा तपस्वी का बहुमान किया गया। श्री संघ की ओर से कई आराधकों ने विभिन्न तप की बोली लेकर तपस्वी का शॉल ओढा़कर माला पहनाकर बहुमान किया। श्री संघ द्वारा समस्त तपस्वी का गणनायक गौरव गाथा परिसर पर अभिनंदन पत्र व भेंट देकर अभिनंदन किया गया।
