खबर पक्की: 25 अप्रैल रतलाम, रतलाम आइस फैक्ट्री की जमीन जो की शासकीय जमीन थी और फैक्ट्री खोलने के लिए रतलाम महाराज द्वारा शर्तों के अधीन लीज पर दी गई थी को लीज धारी जोगेंद्र पूरी 9 जनवरी 1995 में ही 50 लाख रुपए में मंदसौर जिले के सुरेश पिता कालूराम ग्राम अंगारी तहसील सुवासरा को बेच चुका था। और इस अनुबंध के पेटे जोगेंद्र पुरी ने उससे 15 लाख रुपए 9 जनवरी 1995 को ही प्राप्त कर लिए थे। अनुबंध और पैसे प्राप्त करने की स्वीकारोक्ति खुद जोगेंद्र पूरी द्वारा सुरेश के वकील महेश भटनागर को नोटिस के जवाब में भेजे गए जवाबी पत्र में दी है। जो खबर के संलग्न है और आप इसको पढ़ सकते हैं। जिसमें जोगेंद्र पुरी ने विभिन्न कोर्ट में जमीन संबंधित मुकदमें का हवाला देते हुए मुकदमे पश्चात रजिस्ट्री करवाने का वचन दिया है। किंतु जोगेंद्र पुरी ने पैसे लेने के बावजूद किसान सुरेश को धोखा देते हुए खरगोन के कॉलोनाइजर अग्रवाल को अंधेरे में रखते हुए पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से रजिस्ट्री करा दी। अब उसे रजिस्ट्री को निरस्त करने के लिए और अनुबंध की पालना के लिए किसान सुरेश ने रतलाम जिला कोर्ट में दावा लगाया है जो जिला कोर्ट द्वारा दावा स्वीकार करने के बाद इस मामले में अब 8 मई को सुनवाई शुरू होगी। यहां बताना उचित होगा कि जिला कोर्ट द्वारा कई बार नोटिस भेजने के बावजूद धोखेबाज पूरी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ इसलिए न्यायालय ने दिल्ली के अखबारों में सूचना प्रकाशित की और एक पक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी जिसके कारण मजबूरी में अब धोखेबाज पूरी को कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।


