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सकल जैन श्रीसंघ का भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव, महावीर जेनियो ही नहीं, समस्त मानव समाज की धरोहर, जैन स्कूल में स्वामी वात्सल्य के साथ हुआ समापन

BySurendra Jain

Apr 10, 2025

खबर पक्की, 10 अप्रैल, रतलाम। श्री सकल जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में भगवान महावीर का 2624 वां जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मना। सुबह चैमुखीपुल से भव्य जुलुस निकला फिर जैन स्कूल में हुई धर्मसभा में प्रभु महावीर का गुणानुवाद करते हुए वक्ताओं ने उन्हें जेनियो ही नहीं समस्त मानव समाज की धरोहर बताया। इस विराट आयोजन का समापन स्वामी वात्सल्य के साथ हुआ।
आचार्य प्रवर प्रसन्न चंद्रजी मसा, साध्वी कीर्तिप्रभा श्रीजी, स्मितदर्शाश्रीजी, सौरभ्रपभाजी सुयशप्रभाजी, प्रबलयशाजी, साध्वी डॉ कुमुदलता जी, पदमकीर्तीजी, राजकीर्तीजी मसा आदि की निश्रा में आयोजित जन्म कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। इस दौरान श्री सकल जैन श्री संघ के मार्गदर्शक पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी एवं केबीनेट मंत्री चेतन्य काश्यप सहित समस्त समाज अध्यक्ष एवं अनोखीलाल कटारिया सहित सहयोगी मंचासीन रहे।
श्री सकल जैन श्रीसंघ के संचालक मण्डल सदस्य ललित कोठारी, राजेन्द्र खाबिया, प्रकाश मूणत, निर्मल लुनिया, जयंत बोहरा, महेन्द्र चाणोदिया, सुशील छाजेड़, अभय पोरवाल, ओम अग्रवाल एवं राजेश सुराना ने अतिथियों का स्वागत किया।
मार्गदर्शक हिम्मत कोठारी ने इस मौके पर कहा कि भगवान महावीर ने जीयो और जीने दो का जो संदेश दिया है, यदि उसका पालन हो, तो दुनिया की सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। समस्त मानव समुदाय को भगवान महावीर से प्रेरणा लेकर उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। इससे महावीर जन्म कल्याणक मनाना सार्थक होगा। मार्गदर्शक चेतन्य काश्यप ने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत के दर्शन सदैव प्रांसगिक है। बुधवार को नवकार महामंत्री दिवस पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी ने दुनिया के सामने जैन दर्शन को प्रस्तुत किया है, जो सबके लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम का समापन मांगलिक से हुआ। संचालन प्रकाश मूणत किया और आभार महेन्द्र चाणोदिया ने माना।
इस दौरान सकल जैनश्री संघ में शामिल श्री देवसुर तपागच्छ चारथुई श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय के विनोद मूणत, श्री साधुमार्गी जैन श्रीसंघ के कांतिलाल छाजेड, श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ के रजनीकांत झामर, श्री आराधना भवन ट्रस्ट के अशोक लुनिया, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नीम चैक के अजय खिमेसरा, श्री तेरापंथ महासभा के विजय वोरा, श्री त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ के सुशील छाजेड, श्री खरतरगच्छ श्रीसंघ के अशोक चोपडा, श्री ज्ञानगच्छ श्रीसंघ के रितेश डोसी, श्री शांत कांत जैन श्रीसंघ के मोहनलाल पिरोदिया, श्री पाश्र्वनाथ जैन मित्र मंडल के प्रकाशचंद दरडा, श्री सज्जन मिल क्षेत्र श्रीसंघ के हंसराज चोपडा, श्री आदिनाथ कुन्दकुन्ड कहान दिगम्बर जैन पारमार्थिक समिति के राजकुमार अजमेरा, श्री दिगम्बर साठ घर गोठ के कमलेश पापरीवाल, श्री दिगम्बर स्टेशन श्रीसंघ के ओम अग्रवाल, श्री दिगम्बर हुम्मड समाज के जयंतीलाल पाणोत, श्री दिगम्बर जैन नरसिंहपुरा के राजेश कुमार भुजियावाला, एवं श्री सुधर्मा जैन सेवा संघ के श्रेणिक चाणोदिया आदि उपस्थित रहे।
देव, धर्म, गुरु की असाधना, परमात्मा की असाधना
जन्म कल्याणक महोत्सव में आचार्य प्रवर प्रसन्न चंद्रजी मसा ने देव, धर्म और गुरु की असाधना नहीं करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि देव, धर्म और गुरु की असाधना, परमात्मा की असाधना है। मनुष्य भव में अनंत पुण्य के बाद परमात्मा का शासन मिलता है। इसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। महासती कुमुदलता जी ने कहा कि रतलाम में सकल जैन श्री संघ के प्रयासों से सबके द्वारा एक साथ जन्म कल्याणक मनाने को सौभाग्य बताया। प्रबलयशाजी ने कहा कि प्रभु महावीर के तीन सिद्धंातों अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत से सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है। इसके लिए महावीर को मंदिरो में नहीं, मन में बसाना आवश्यक है। अन्य साध्वीजी ने स्तवन प्रस्तुत कर अपने भाव व्यक्त किए।

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