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जिंदादिल एसपी गौरव तिवारी आलोचनाओं पर बदला लेने की प्रवृत्ति उन्हें छू भी नहीं गई थी

BySurendra Jain

Jan 30, 2022

खबर पक्की: 30 जनवरी रतलाम, कुछ लोग थे जो साँचो में ढल गए, कुछ लोग हैं कि सांचे बदल गए जी हां हम बात कर रहे हैं सांचे बदलने वाले रतलाम एसपी गौरव तिवारी की जिनका कल ats भोपाल एसपी के पद पर तबादला हो गया है। शासकीय सेवा में अधिकारी आते हैं जाते हैं लेकिन बहुत कम ऐसे होते हैं जो अपनी छाप छोड़ जाते हैं और लंबे समय तक याद किए जाते हैं उन्ही में से एक नाम रतलाम एसपी गौरव तिवारी का भी शुमार किया जाना चाहिए। रतलाम में प्रशिक्षु पद पर रहते अपनी सिंघम छवि का निर्माण करने वाले गौरव तिवारी जब दूसरी पारी में दो हजार अट्ठारह में पुनः एसपी बन कर रतलाम में पदस्थ हुए तो उनकी कार्यशैली काफी परिपक्व हो चुकी थी। प्रशिक्षु पद पर रहते हाथ पैर और मुंह चलाने की उनकी कार्य शैली में संयम और गंभीरता आ चुकी थी यही कारण था कि वह इतनी लंबी पारी खेल पाए। पुलिस की नौकरी में रहते अच्छा साहित्य पढ़ने के शौकीन और संस्कृति प्रेमी ऐसे अफसर विरले ही होते हैं जो अपनी आलोचनाओं को इतनी सहजता से लेते हैं। साफ-साफ और खरी खरी लिखने के कारण ख़ाकसार भी उनके प्रखर आलोचकों में से एक रहा है वह भी प्रेस की आलोचना पत्रकारों के मुंह पर करते थे लेकिन मुझे प्रेस की तरफ से यह कहते खुशी हो रही है कि एसपी गौरव तिवारी ने अपनी आलोचनाओं को हमेशा सकारात्मक रूप से लिया जिससे उनके कार्य शैली दिन-ब-दिन निखरती चली गई उनकी कार्यशैली या व्यवहार में कभी भी किसी भी आलोचना के लिए बदला लेने की भावना या खुंदक नहीं दिखाई दी जो वर्तमान परिवेश में ज्यादातर अफसरों में दिखाई देती है। आज जब मैंने उन्हें नई पोस्टिंग के लिए बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित करने के लिए फोन किया और बधाई देते हुए जब यह कहा कि आपको मेरे किसी बोलने या लिखने से ठेस पहुंची है तो क्षमा प्रार्थी हूं तो जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं यह तो आपका काम है आपने फोन किया बहुत अच्छा लगा कभी भोपाल आए तो मिलिएगा जरूर यह सुनकर उनके लिए दिल में सम्मान और बढ़ गया। आज देश को ऐसे ही सहिष्णु अफ़सरों की जरूरत है। उनके बारे में नेता और उनके साथ काम कर चुके अधिकारी क्या कहते हैं पढ़िए। एसपी गौरव तिवारी का कार्यकाल रतलाम में बहुत अच्छा रहा अपराधियों मैं उनका खौफ था और अपराध की तह तक जाकर उन्होंने अपराधियों को पकड़ने में महती भूमिका अदा की पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, रतलाम के इतिहास में ऐसे पहले एसपी है जिनके नाम से ही गुंडे बदमाश थरथर कांपने लगते थे। उनका बहुत सफल कार्यकाल रहा बड़ी से बड़ी घटना की तह तक जल्दी से जल्दी पहुंचना उनके कार्य शैली में शुमार था और सही मायनों में वे जनता के एसपी थे। यह उदगार है कांग्रेस नेता डीपी धाकड़ के , बहुत ही अच्छे ईमानदार और मेहनती अधिकारी है उनकी विशेषताएं गिनती करवाने बैठूंगा तो बहुत समय लग जाएगा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत सिंह बाकरवाल, बहुत ही अच्छे अफसर है पुलिस डिपार्टमेंट में इतने अच्छे और ईमानदार अफसर मिलना मुश्किल है मक्कार भ्रष्ट अधिकारी उनसे पनाह मांगते हैं पूर्व सीएसपी देवास में पदस्थ विवेक सिंह चौहान, पुलिस का मनोबल बढ़ाने वाले और हर अपराध में फ्रंट पर आकर लीड़ करने वाले ऐसे ईमानदार अफसर के साथ मैंने काफी समय काम किया मुझे इसके लिए गौरव है अयूब खान पूर्व टीआई माणक चौक रतलाम, बहुत ही अच्छे इमानदार व्यवहार कुशल और कार्य के प्रति समर्पित अधिकारी है किशोर पाटन वाला स्टेशन रोड टीआई, एसपी गौरव तिवारी वास्तव में एक जिंदादिल अधिकारी रहे हैं जनता के साथ उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा है और अपने अच्छे व्यवहार और कार्यशैली के दम पर वे बहुत आगे जाएंगे राजेश पुरोहित कांग्रेस नेता ग्रामीण। यूं तो उनका पूरा कार्यकाल काफी अच्छा रहा पर सुराणा के मामले में अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता बरतते तो अभी और बने रहते ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना।

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