खबर पक्की, 7 दिसंबर, रतलाम। जिला दंडाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत रतलाम शहर नगर निगम सीमा क्षेत्र के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं जिसके अनुसार नगर निगम सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विस्फोटक या खतरनाक ज्वलनशील वस्तुओं का भंडारण आदि किया जाना प्रतिबंधित किया गया है। जिला दंडाधिकारी द्वारा उक्त आदेश एसडीएम रतलाम शहर, नगर पुलिस अधीक्षक रतलाम के संयुक्त पत्र तथा निगमायुक्त के द्वारा प्रस्तुत पत्र के आधार पर जारी किया गया है।
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रतलाम नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत रहवासी क्षेत्रों में नगर तथा ग्राम निवेश विकास योजना के निवेश क्षेत्र में निर्दिष्ट एवं मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों के विपरीत वैज्ञानिक रूप से संचालित कबाड़ दुकान, गोडाउन, लकड़ी के गोडाउन, प्लास्टिक, प्लास्टिक से निर्मित सामग्री, तेल, आइडियल गैस सिलेंडर गोडाउन एवं अन्य खतरनाक ज्वलनशील वस्तुओं के भंडारण इत्यादि के संचालको, भंडारणकर्ताओं को आदेशित किया जाता है कि वह अपनी अपनी दुकान, गोडाउन भंडारगृह इत्यादि को तत्काल प्रभाव से रतलाम नगर निगम सीमा क्षेत्र के बाहर समुचित स्थान पर स्थानांतरित करें। इसके लिए समय अवधि आगामी 20 दिसंबर नियत की गई है। आदेश में कहा गया है कि रतलाम नगर निगम सीमा क्षेत्र की परिधि में कोई भी व्यक्ति, संचालक, भंडारणकर्ता द्वारा कबाड़ दुकानों, गोडाउन, लकड़ी के गोडाउन, प्लास्टिक, प्लास्टिक से निर्मित सामग्री, डीजल, गैस सिलेंडर गोडाउन, किसी भी प्रकार के विस्फोटक एवं खतरनाक ज्वलनशील वस्तुओं का भंडारण किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
उल्लेखनीय है कि सिटी एसडीएम, सीएसपी तथा निगम आयुक्त द्वारा जिला दंडाधिकारी को प्रस्तुत पत्रों के आशय अनुसार रतलाम नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत अवैधानिक रूप से संचालित की जाने वाली कबाड़ दुकानों, गोडाउन, लकड़ी के गोडाउन, प्लास्टिक, प्लास्टिक से निर्मित सामग्री, तेल, ऑयल, डीजल, गैस सिलेंडर गोडाउन एवं अन्य खतरनाक ज्वलनशील वस्तुओं के भंडारण इत्यादि से क्षेत्र के रहवासियों को बाधा, क्षति या मानव जीवन के स्वास्थ्य को खतरे का या लोक प्रशांति विक्षुब्ध होने का या आगजनी व कोई अन्य अप्रिय घटना घटित होने की संभावना बनी रहती है। विगत दिनों रतलाम शहर के मोहन नगर में संचालित एग्रीकल्चर पाइप्स के अवैध गोडाउन में घटित आगजनी पर कई घंटों के प्रयास उपरांत आग पर काबू पाया जा सका था। ऐसी घटना से मानव जीवन स्वास्थ्य को खतरे के साथ-साथ कानून व्यवस्था की स्थिति बिगडऩे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। भविष्य में इस प्रकार की अग्नि दुर्घटना नहीं हो, इसके दृष्टिगत उपरोक्त आदेश जारी किया गया है।
