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रतलाम के जवाहर नगर में सजा है माँ दुर्गा का दरबार, बंगाली समाज रतलाम के सार्वजनिक दुर्गा पूजा महोत्सव का 53 वां वर्ष

BySurendra Jain

Oct 18, 2026

खबर पक्की, 18 अक्टूबर, रतलाम। बंगाली समाज रतलाम द्वारा आयोजित किए जाने वाले श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा महोत्सव का यह निर्बाध 53वाँ वर्ष है। वर्ष 1974 में कालिका माता मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई यह भव्य परंपरा विगत अनेक वर्षों से श्री रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम, जवाहर नगर, रतलाम में अत्यंत श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ निभाई जा रही है।
पूजा कमेटी के अध्यक्ष डॉ. त्रिदीप बैनर्जी और सचिव संदीप मित्रा ने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव के सभी धार्मिक अनुष्ठान 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक संपन्न होंगे। बंगाली समाज की दुर्गा पूजा अपनी विशिष्ट और जीवंत परंपराओं के लिए जानी जाती है।
इस पूजा के कुछ विशेष आकर्षण रहते है जैसे पारंपरिक धुनुची नृत्य) जिसमें ढाक की थाप पर नृत्य किया जाता है। इसमें मिट्टी के पात्र (धुनुची) में नारियल के छिलके और सुलगते धुएं को लेकर श्रद्धालु नृत्य करते हुए माँ दुर्गा की आराधना करते है। इनके साथ ही महाअष्टमी और महानवमी के संधिकाल के बीच के बेहद शुभ 48 मिनट में विशेष संधि पूजा होती है। इसमें माँ दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष 108 दीपक, कमल इत्यादि के साथ पूजा की जाती है। इस बार यह 19 अक्टूबर की सुबह 6:24 से 7:12 बजे तक की जाएगी। बंगाली समाज की दुर्गा पूजा का एक विशेष आकर्षण माँ की विदाई के पूर्व सिंदूर खेला होता है। जिसमें कैलाशवासिनी माँ दुर्गा के अपने मायके से ससुराल वापसी पर विदाई की रस्म के रूप में होता है। जहाँ महिलाएँ माँ दुर्गा की प्रतिमा एवं एक दूसरे को सिंदूर लगाती है और मिठाई खिलाती है। मूर्ति विसर्जन से ठीक पहले दुर्गा की विदाई की भावुक और मंगलमयी रस्म होती है।
बंगाली समाज एवं पूजा कमेटी ने रतलाम के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे श्री रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम पहुंचकर इन अनूठे सांस्कृतिक व धार्मिक प्रसंगों के साक्षी बनें और माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें।
इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव में होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत समय-सारिणी इस प्रकार है।

  • महाअष्टमी (19 अक्टूबर, सोमवार)- देवी महाअष्टमी पूजा (सुबह 5 बजे), विशेष संधि पूजा (सुबह 6.24 से 7.12 बजे), अष्टमी पुष्पांजलि (सुबह 7.00 बजे), आरती एवं धुनुची नृत्य (शाम 7.30 बजे)।
  • महानवमी (20 अक्टूबर, मंगलवार)- देवी महानवमी पूजा (सुबह 8.00 बजे), पुष्पांजलि एवं प्रसाद वितरण (सुबह 10.00 बजे), आरती (शाम 7.30 बजे)।
  • विजया दशमी (21 अक्टूबर, बुधवार): दर्पण विसर्जन (सुबह 8.30 बजे), सिंदूर खेला (सुबह 10.00 बजे), शांतिजल वितरण (शाम 5.00 बजे)।

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